ख्वाबों के साए मेंसमा ये कितना हसीं
हो जो करीब तुम इतने
न है और कोई कमी
पलकों की चिलमन से
होठों के प्यालो तक
छल्के है प्यार तुम्हारा
सागर के किनारों तक
सागर से कह दो ठहर जा तू यही
ख्वाबों के साए में
समा ये कितना हसीं
ख्वाबों का ये पिंजर
कभी कही टूट न जाए
है जो आज साथ तुम्हारा
वो कल कही छूट न जाए
ख्वाबों से कह दो कभी रूठना नही
ख्वाबों के साए में
समा ये कितना हसीं
ख्वाबों के साए में
समा ये कितना हसीं
हो जो करीब तुम इतने
न है और कोई कमी


